Monday, 2 January 2012

aashawadi chintan

                                    आशावादी चिंतन
      जीवन में अपेक्षाएं बहुत होती है, किन्तु अपेक्षाओं  का पूरा हो पाना  संभव नहीं है, ऐसे में आवश्यक यह है की हम किस प्रकार से अपने जीवन में समायोजन करते है, बिना समायोजन के कुशलतापूर्वक जीवन का सञ्चालन संभव नहीं है, सो जीवन में समायोजन के महत्व को जाने और जीवन में यथा संभव उत्कर्ष उत्कर्षप्ति करे.

2 comments:

  1. ब्लॉग-दुनिया में आपका पहला कदम मंगलमय हो.

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  2. ब्लॉग की दुनिया में यह पहला कदम
    स्वागतम मीत मेरे! स्वागतम

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