सर्व शिक्षा में कैसा विभेद ?
देश का निर्माण उत्तम संस्कारों की आधाशिला पर किया जाता है। संस्कार बचपन से ही बालकों के आचरण में भरे जाते हैं। विवशता यह है कि देश की सियासत ने शिक्षा में भी सियासत की घुसपैठ कराकर मानवता एवं समानता के स्थान पर अलगाववाद का बीजारोपण कर दिया है। जब शिक्षा में ही अलगाव का विष भरा जायेगा तथा बालकों में संकीर्ण मानसिकता के आधार पर विभेद किया जायेगा, तब संस्कारों की नींव कैसे सुदृढ़ हो सकती है ?
- आशावादी
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