Friday, 25 January 2013

अस्तित्व की खातिर :
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जंगल राज में हर कोई जुटा है 
अपने अस्तित्व की रक्षा में । 
क्योंकि सबल नौंच खाने को 
आतुर है हर निर्बल को 
और निर्बल भयातुर है 
अपनी प्राण रक्षा के लिए ।
सृष्टि का अस्तित्ववादी सिद्धांत 
हर ओर अपना असर दिखा रहा है 
समाज में पग-पग पर आदमी को 
उसका अस्तित्व बता रहा है ।।
- डॉ.सुधाकर आशावादी 

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