Sunday, 12 May 2013

कभी फेसबुक कभी भेषबुक
तन्हाई है ...कहाँ जाऊं ? 
छुट्टी है कि कटने का नाम नहीं ले रही । 
लोग परेशान हैं कि उनके पास समय नहीं 
मैं परेशान हूँ कि समय का सदुपयोग कैसे करूँ ?
सुबह से कागज काले कर रहा हूँ ......और क्या करूँ ?
- सुधाकर आशावादी 

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