Monday, 13 October 2014

नाम : आशू , सोनू ,गुड्डू , बबलू ,नीटू [ कुछ भी ]
शिक्षा : स्कूल के दर्शन नहीं।
स्टाइल : आँखों पर काला चश्मा, हाथ में चाइनीज मोबाईल , टशन फ़िल्मी।
काम : गर्ल्स कॉलिज के इर्द गिर्द घूमना।
उद्देश्य : सपनों में जीने वाली किशोरियों को फाँसना, उसके उपरांत उन्हें देह व्यापार के धंधे में धकेलकर उनकी कमाई से रोटी खाना।
अक्ल की अंधी बालिकाएं जब तक इस सच को समझती हैं , तब तक वह बर्बाद हो चुकी होती हैं।
…… समूचे समाज का दायित्व है कि समाज को ऐसे तत्वों से छुटकारा दिलाने के लिए गंभीर प्रयास करें , समाज की बेटियों को अच्छे संस्कार प्रदान करें। यदि कोई ऐसा तत्व बेटियों को भ्रमित करने का प्रयास करता हुआ पाया जाय , तो उसे ऐसा सबक सिखाएं , जिससे उसकी आगे आने वाली नस्लें भी ऐसे कुकृत्य से तौबा करने पर विवश हों।
- सुधाकर आशावादी

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