Thursday, 16 October 2014

 लोकतंत्र में जनभावनाओं का सम्मान सर्वोपरि है,किन्तु सभी अपने अपने पूर्वाग्रह पाले हुए हैं। हम इसीलिए परेशान हैं , कि सारे के सारे एग्जिट पोल हमारे पूर्वाग्रहों पर पानी फेर रहे हैं। भैया जल्दी असली पोल बताओ ….... हमारी रातों की नींद और दिन का चैन गायब हो चुका है।
- सुधाकर आशावादी

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