हिंदी सप्ताह का सातवां दिवस :
बोलियों में बंटा आज संसार है
भाषा बोली में सिमटा घर-बार है
एक होना है तो सब यही जान लें
हिन्दी भाषा नहीं एकता सार है।
- सुधाकर आशावादी
बोलियों में बंटा आज संसार है
भाषा बोली में सिमटा घर-बार है
एक होना है तो सब यही जान लें
हिन्दी भाषा नहीं एकता सार है।
- सुधाकर आशावादी
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